हमारे भारतीय भोजन में स्वाद और विविधता दोनों हैं। सही समय और सही मात्रा में भोजन करना हमारी दैनिक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है।
दोपहर के खाने में बाज़ार से लाई गई ताज़ी सब्ज़ी, एक कटोरी दही, दाल और दो रोटी एक संपूर्ण भारतीय आहार का बेहतरीन उदाहरण हैं। रंग-बिरंगे फल और सब्ज़ियाँ हमारे शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करती हैं।
बाहर का खाना खाने के बजाय टिफिन में घर का बना खाना ले जाना एक छोटी सी आदत है, जो लंबे समय में बहुत फायदेमंद साबित होती है।
खासकर जब आप भारत के गर्म मौसम में बाहर हों, तो शरीर में पानी की कमी आसानी से हो सकती है। हमेशा अपने साथ पानी की एक बोतल रखें। समय-समय पर घूंट-घूंट पानी पीना आपको ताज़ा रखता है और अकारण लगने वाली थकान को रोकता है।
सादा पानी, नींबू पानी या छाछ दोपहर के समय बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।
आज की भागदौड़ में, हम अक्सर अपना खाना 5 मिनट में खत्म कर लेते हैं। भोजन को अच्छे से चबाकर खाने से शरीर उसे आसानी से पचा पाता है।
रात का खाना खाते समय टीवी या मोबाइल स्क्रीन बंद रखें। परिवार के साथ बैठकर शांति से खाना खाने से आप न केवल भोजन का स्वाद ले पाते हैं, बल्कि यह समझ पाते हैं कि आपका पेट भर गया है या नहीं।
कोशिश करें कि रोज़ाना नाश्ता, लंच और डिनर लगभग एक ही समय पर हों।
शाम की चाय के साथ बिस्कुट की जगह एक ताज़ा सेब या केला खाने की आदत डालें।
रात का भोजन सोने से कम से कम 2 घंटे पहले करें, ताकि नींद अच्छी आए।
ऑफिस डेस्क पर पानी की बोतल रखें, ताकि बार-बार पानी पीना याद रहे।