आजकल की कार्यशैली में हम घंटों तक एक ही कुर्सी पर बैठे रहते हैं। यह शरीर में थकान और आलस का कारण बन सकता है।
हर एक घंटे में 5 मिनट के लिए अपनी जगह से उठने का नियम बनाएं। पानी पीने जाएं या बालकनी/खिड़की तक टहल आएं। यह छोटी सी गतिविधि आपकी मांसपेशियों को आराम देती है और मानसिक स्पष्टता बढ़ाती है।
संतुलित रहने के लिए जिम जाना अनिवार्य नहीं है। शाम को काम के बाद पास के पार्क में 20-30 मिनट की हल्की सैर करना, या लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना भी उत्कृष्ट गतिविधि है।
यदि आप बाज़ार जा रहे हैं, तो थोड़ी दूर पैदल चलने का प्रयास करें। शरीर को रोज़ाना सक्रिय रखना अच्छे स्वास्थ्य की नींव है।
दिन भर की थकान के बाद, रात की अच्छी नींद शरीर की मरम्मत के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। सोने से पहले मोबाइल स्क्रीन देखने से बचें क्योंकि इसकी रोशनी नींद के प्राकृतिक चक्र को बाधित करती है।
एक शांत वातावरण बनाएं और 7-8 घंटे सोने का लक्ष्य रखें। अगले दिन सुबह आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे।
लंबे वर्कआउट की आवश्यकता नहीं है। सुबह 15 मिनट की स्ट्रेचिंग, लंच के बाद छोटी सी सैर और काम के बीच छोटे ब्रेक पर्याप्त हल्की गतिविधि प्रदान कर सकते हैं।
दोपहर में 15-20 मिनट की छोटी झपकी (Power nap) ताज़गी दे सकती है, लेकिन लंबी नींद रात की नींद को खराब कर सकती है।
सोने का एक निश्चित समय तय करें। बिस्तर पर जाने से पहले भारी भोजन न करें, कैफीन (चाय/कॉफी) से बचें और सोने से एक घंटे पहले टीवी या फोन बंद कर दें।